तारीफ़ ❤️

तारीफ़ में कुछ कहना है, पर अल्फ़ाज़ नहीं है।

कुछ भी नहीं आपमें ख़ास, ऐसी तो कोई बात नहीं है।

हुए थे  मुखातिब जब आपसे पहली दफा,

लगा जैसे पूरी हुई आज अपनी रजा।

सरलता और आधुनिकता की सहज

अभिव्यक्ति हो आप…।

चिलचिलाती इस धूप में बारिश की बौछार हो आप,

क्या कहा जाए तारीफ़ में आपके ,

मित्रता की भरपूर मिशाल हो आप।

माना पहले पहल थोड़े अकडू से लगे,

थोड़े गुस्सैल थोड़े सडू से लगे।

पर जल्द ही अपने खुशमिजाज अंदाज से,

हमें रूबरू करवाएं थे आप।

स्कूल में कोई नवाचार हो या

हो हमारी कोई नादानी ,

हर वक्त हर पल, हमारे बचाव पक्ष में आए थे आप।

हम उस स्कूल में पहले से थे,

शायद बाद में आए थे आप।

क्या कहें? जितना कहें कम है,

पर सही में अपने नाम के अनुरूप ,

स्वरूप लेके धरती पर आए थे आप💪।

शायद इसलिए हमारे आदर्श गुरु कहलाए थे आप।

Happy teacher’s Day sir ❤️

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