आतंकवाद एक वैश्विक समस्या

जँहा भी जाती हूँ,बस वीरान नजर आता है,

खून में डुबा हर मैंदान नजर आता है ।

इन्सान को भगवान तो क्या,

इन्सान में इन्सान नजर नहीं आता है ।

उपरोक्त पंक्तियों से ही आतंकवाद की दहशत का पूर्ण

आभास हो गया है ।

आतंकवाद अत्यंत भयावह और अमानवीय

गतिविधियां है जिनका अन्तिम उद्देश्य अपने निजी

स्वार्थों अर्थात् आर्थिक,राजनीतिक,और वैचारिक

लक्ष्यों की प्रतिपूर्ति करना है ।और इसके लिये वे क्रूर

व्यवहार करने से भी नहीं पसीजते।वर्तमान में

आतंकवाद का प्रमुख कारण सम्प्रदायिकता को माना

जा रहा है ।

लश्कर-ए-तेयाब,अल -कायदा ,जश -ए-मौहम्मद

जेसे आतंकी संगठन युवाओ की दिशा भ्रमित कर रहे

हैं।अभी फरवरी मे हुए पुलवामा हमले का हमलावर

आदिल अहमद डार महज 20 साल का था ,जो उम्र

इनकी अपना उज्जवल भविष्य बनाने की होती है

उसी में इन्हें इस दलदल में एस कदर फसा दिया जाता

हैं कि वो अपनी मानवीय चेतना ही खो बैठते हैं ।

आतंकवाद न केवल विकासशील व गरीब देशो की

समस्या है बल्कि अमेरिका जैसा विकसित देश भी

9/11 हमला झेल चुका है ,और लादेन को पकड़ने मे

10 साल लग गए ।

ये आतंकी बेगुनाह लोगों का खून बहाने व खून की

होली खेलने से बिल्कुल भी नहीं कतराते और हर बार

हमे कभी 26/11 तो कभी 9/11और कभी उरी

हमले तो कभी पुलवमा जेसे हमलो का सामना करना

पड़ता है और हजारों बेगुनाहो को मौत के मुँह उतरना

पड़ता हैं ।एक रिपोर्ट ने बताया है कि 26/11 हमले मे

166 लोग मारे गए थे और 308 के लगभग लोग

घायल हो गए थे । 9/11 ने भी 3000 लोगो की जान

ले ली।

हालांकि वर्तमान समय में आतंकवाद के सफाये के

लिए अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कई कदम उठाये जा रहें ह

लेकिन अभी भी बहुत सक्रियता की जरूरत है ।हमें

इस वेश्विक श्राप से मुक्त होना होगा।

33 Comments

  1. बहुत सुंदर तथ्यों पर आधारित रचना। ये सत्य है कि देश और सीमाओं की रक्षा करने के लिए हमें क्रूर बनना पड़ता है और हम उसे ही मारते हैं जो बाधक बनते हैं। किसी की सीमाओं का हम अतिक्रमण नही करते। मगर जैसे ही हमारे अंदर किसी की सीमाओं का अतिक्रमण करने का अरमान जागता है या जब जब साम्राज्यवादी सोच हावी होती है इंसानों पर तब तब वह इंसान नही दैत्य बन जाता है।चाहे वह सोच धर्म आधारित ही क्यों न हो।

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  2. हा अपनी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होना पड़ता है पर अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए किसी को हानि पहुंचना पाप है ।
    आपका बहुत बहुत धन्यवाद अपने ह्रदयस्पर्शी विचार व्यक्त करने के लिए ।

    Liked by 2 people

  3. बहुत￰ बढ़िया लेख
    एक ग्लोबल टॉपिक पे लेख लिखने के लिए
    आपको धन्यवाद !!

    Liked by 2 people

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