कुछ अल्फाज लिखे✨🌸✨

आओ कुछ अल्फाज लिखे, 🍀🍁

कुछ जीत लिखे, कुछ हार लिखे।

कुछ सच, कुछ वक्त का आगाज लिखे।

आखों के वो ख्वाब लिखे,

सपनो का संसार लिखे।

कुछ आज लिखे,

कुछ कल की हुंकार लिखे।

बैठ जाती हूँ अक्सर जमीं पर,

और निहारती हूँ बादलों के इस गगन को।

आज हो न हो पर कभी तो होगें हम भी बुलंदी पर

आओ अपने ख्वाबों की वो मुलाकात लिखे।

कुछ जीत लिखे,कुछ हार लिखे।

छू न पायी अभी मैं आसमां तो क्या,

बन न पायी अभी में जग का सितारा तो क्या।

बनेगें कभी तो पापा के सपनों का वो राजा बेटा।

सच न सही, फिर भी लो ये आस लिखे। 🌹🥀

कुछ सच, कुछ वक्त का आगाज लिखे।

लिखने को नहीं है अपनी खुद की उपलब्धियां

और न कभी ऐसा कुछ किया,

जो लिखने लायक हो।

अपना न सही, किसी और का सही,

लो चलो आज नया इतिहास लिखे।

कुछ काम पूरे, तो कुछ अधूरे लिखे,

आओ कुछ अल्फाज लिखे,

कुछ जीत लिखे, कुछ हार लिखे। 😍😍😍

43 Comments

    1. कभी सोचा है इक बेटी को हम बेटा भी बोल सकते हैं लेकिन बेटे को बेटी नहीं बस इसीलिए बनना है my dear subi क्योंकि रानी बिटिया तो मैं अब भी हूँ।

      Liked by 3 people

      1. You right but सब ना बेटियों के कुछ भी अच्छा करने पर उसे बेटे का Tag दे देते हैं उनके अनुसार सिर्फ बेटे ही उनका नाम रोशन कर सकते हैं।

        Liked by 2 people

    1. जी शुक्रिया मेरा उत्साहवर्धन करने के लिए,
      शायद वो दिन जल्दी आये।

      Like

  1. बस इसी तरह लिखे, हर रोज लिखे
    जीवन पथ पर कुछ-ना-कुछ लिखते हि रहे
    बहुत हि गहरी और खूबसूरत पंक्तियाँ है🌺😊

    Liked by 2 people

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