स्कूल के वो दिन। 👬👭👫

याद है आज भी स्कूल के वो दिन। जब हम पागल पागल से फिरते थे, बस तब तो हम अपने दोस्तों पर मरते थे। कितने लडते और झगड़ते थे। कितना प्यारा था हमारा नोक झोक से भरा रिश्ता। यूँ रूठना मनाना भी तो कितना भाता था। सच में amazing थे मेर friends, सारे के सारे stupid थे मेरे friends।

मिशाल दिया करते थे लोग हमारी दोस्ती की। ऐसा नहीं है कि हम perfect थे, अरे यार झगड़ा तो हम भी जमकर थे।

लेकिन इस लड़ाई में अपनापन सा होता था। school का कोई भी कांड हो उसमें हमारा नाम आना स्वाभाविक था। पर फिर स्कूल की शान हुआ करते थे हम। कुछ दोस्त पागल तो कुछ दीवाने थे।

कुछ थे सरफिरे तो कुछ मासूम भी थे, और कुछ मुझ जैसे आशिक भी थे। थी उन्हें भी अपनी किताबों से आशिकी, बंद कमरो में उन्होंने भी किताबों से रिश्ता जोड़ा था।

ऐसा नहीं है कि हममें compitition नहीं था, था लेकिन motivationज्यादा था। मस्ती से भरे थे हमारे वो दिन, उन्हें ढूंढो कहाँ गए आवारगी के वो दिन।

उस दोस्ती में साजिशें नहीं शरारते थी। कभी किसी को मिलकर परेशान करते थे तो कभी खुद ही बलि का बकरा बना दिये जाते थे। पढाई तो हमने भी की थी बस फक्र इस बात का है की दोस्ती भी लाजवाब की थी।

I love my school life my school life is the best part of my life 😍😍😍😍😍😍

19 Comments

  1. ,you right…उस दोस्ती में साजिशें नहीं शरारतें थी….आज दोस्ती की आड़ में लोग फरेब करते हैं ।

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  2. बेहद दिल के करीब से गुजरती आपकी भावनाएं।कल छोटे थे तो बड़ा होना चाहे अब चाहकर भी छोटे नही हो सकते।

    माटी के खिलौने टूटे
    टूट गया संसार अपना बचपन का,
    कितना प्यारा था संसार अपना
    बचपन का।

    Liked by 2 people

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